नियमों को ताकपर रखकर की गई अतिथि शिक्षक की नियुक्ति,
रामपुर नैकिन जनपद के भरतपुर हायर सेकंडरी स्कूल का मामला,

अतिथि शिक्षक भर्ती में धांधली , कम अंक वाले अभ्यर्थी की कर ली नियुक्ति, स्कूल से दस्तावेज कर दिए गायब प्राचार्य का आरोप,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। शासकीय स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की भर्ती के लिए बनाए गए नियम मापदंड स्कूल के प्राचार्य के लिए कोई मायने नहीं रखता है उन्हें जिनकी नियुक्ति करनी होती है दस्तावेज गायक करके नियुक्ति कर जिम्मेवारी से मुक्त हो जाते हैं कुछ ऐसा ही मामला रामपुर नैकिन जनपद शिक्षा केंद्र के भरतपुर संकुल केंद्र का सामने आया है जहां के तत्कालीन प्राचार्य ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचने के नियत से अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थी को दरकिनार कर उसे 20 अंक काम पाने वाले अभ्यर्थी के नियुक्ति कर लिया जिसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संभागीय शिक्षा अधिकारी तक की गई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है जिसके कारण स्कूल के शिक्षकों के हौसले बुलंद हैं। वर्तमान प्रभारी प्राचार्य ने यह स्वीकार किया कि अतिथि शिक्षक नियुक्ति में अनियमित की गई है जिसके कारण स्कूल में नियुक्ति संबंधी कोई दस्तावेज ही नहीं रखा गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतपुर (सीधी) में अतिथि शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती प्रक्रिया उस समय विवादों के घेरे में आ गई जब सतेन्द्र सिंह गहरवार नामक आवेदन कर्ता ने संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण रीवा संभाग) को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2025 की अतिथि शिक्षक भर्ती के लिए उन्होंने वर्ग-3 लैब हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था। ब्लॉक स्तर में तैयार मेरिट सूची में उनका सतेन्द्र सिंह गहरवार का स्कोर कार्ड अंक 184.71 था लेकिन विद्यालय द्वारा जारी की गई सूची में जिसका नाम सामने आया है उनका मेरे से कम अंक (160.44) है उनका आरोप है निधि सिंह नाम के अभ्यर्थि की नियुक्ति कर ली गई है जबकी उनका अंक बहुत कम है।
सूचना तक देना उचित नहीं समझा,
सतेन्द्र सिंह का दावा है कि चयन प्रक्रिया में उन्हें किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी नहीं दी गई और गुपचुप तरीके से कम अंक वाले अभ्यर्थी को नियुक्त कर लिया गया, जो कि भर्ती नियमों के पूरी तरह विपरीत है।
न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का दावा,
अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यार्थी ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि कम अंक वाले अभ्यर्थी के चयन की जांच की जाए और मेरिट के आधार पर अधिक अंक वाले पात्र उम्मीदवार को नियुक्ति दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।
क्या कहते हैं वर्तमान प्रभारी प्राचार्य,
अतिथि शिक्षकों के नियुक्ति की शिकायत हुई है लेकिन स्कूल में कोई दस्तावेज नहीं है इस कारण मैं कुछ नहीं कर सकता हूं, वरिष्ठ कार्यालय से पूछा गया तो मैंने बता दिया है स्कूल में कोई दस्तावेज नहीं है पूर्व प्राचार्य सभी दस्तावेज कहां रखे हैं मुझे नहीं पता, दस्तावेज मिले तो कुछ कह पाऊंगा।
शशिभूषण तिवारी
प्रभारी प्राचार्य
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल भरतपुर जिला सीधी म प्र
