दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति,सास-ससुर एवं देवर को 07 वर्ष का कठोर कारावास की सजा, अपर सत्र न्यायालय, सीधी का फैसला,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। बताया गया कि दिनांक 04.04.2023 को सूचनाकर्ता लालजी द्विवेदी ने थाना अमिलिया में सूचना दर्ज कराई कि उसकी पतोहू मृतिका सविता फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना के आधार पर अकाल मृत्यु की कायमी कर जांच प्रारंभ की गई, जांच के दौरान यह तथ्य पता चला कि मृतिका सविता की शादी जून 2022 में ग्राम जमुई में लालजी द्विवेदी के बड़े लड़के जीतेन्द्र द्विवेदी के साथ हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। मृतिका के पिता ने अपनी हैसियत अनुसार लड़की को दिया था। मृतिका ससुराल से मायके 3-4 बार आयी थी। जब मृतिका ससुराल से मायके आती थी तो बताती थी कि उसके ससुर, सास, देवर व पति दहेज के लिए परेशान करते हैं और बोलते हैं कि वह अपने भाई से 2 लाख रूपये मांगकर लाए। इसी बात को लेकर हमेशा परेशान कर मारपीट करते थे जिसकी प्रताड़ना से मृतिका परेशान रहती थी। होली के समय मृतिका ससुराल से मायके आयी थी तो बतायी कि उसके पति, सास, ससुर व देवर सभी उसे परेशान करते हैं और जब भी मृतिका अपने मायके वालों को फोन करती है तो आरोपीगण बोलते हैं कि कहां बात करती है। घटना के 10 दिन पहले भी मृतिका ने अपने पिता को फोन कर बतायी कि उसके पति ने उसके साथ दहेज के लिए मारपीट की है, तब वह अपने दामाद को समझाया था लेकिन नहीं माने। दिनांक 04.04.2023 को रात्रि करीबन 09:00 बजे रामसागर तिवारी ने मृतिका के पिता को बताया कि ग्राम जमुई से फोन आया था कि उसकी पुत्री मृतिका छोटू उर्फ सविता की मृत्यु हो गई है। मृतिका की मृत्यु दहेज न दिये से आरोपीगण द्वारा मारपीट कर मृतिका को फांसी पर लटका दिये जाने के कारण होना पाये जाने से थाना अमिलिया द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्र.-219/2023 अंतगत धारा 498ए, 304बी, 34 भा.दं.सं. एवं धारा 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में पंजीबद्ध किया गया। आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया। मामले की संपूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक ST/88/2023 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्रीमती श्रद्धा सिंह के द्वारा अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सीधी के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्तगण 1. जीतेन्द्र द्विवेदी पिता लालजी द्विवेदी, उम्र-33 वर्ष, 2. लालजी द्विवेदी पिता स्व. गेंगराम द्विवेदी, उम्र-60 वर्ष, 3. मनबसुआ द्विवेदी पिता लालजी द्विवेदी, उम्र-55 वर्ष, 4. बृजेन्द्रनाथ द्विवेदी पिता लालजी द्विवेदी, उम्र-28 वर्ष, सभी निवासी ग्राम जमुई, थाना अमिलिया, जिला-सीधी (म.प्र.) प्रत्येक को धारा 498ए भादवि में 03-03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000/- 2,000/- अर्थदण्ड, धारा 304बी भादवि में 07-07 वर्ष का कठोर कारावास तथा धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में 01-01 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000/- 2,000/- अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में न्यायालयीन संमंस/वारण्ट कोर्ट मोहर्रिर आर0 519 श्री धर्मेन्द्र सिंह के द्वारा जारी किये गये।
