किसान कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष का आरोप
किसानों को बिचौलियों के हाथों लुटने को मजबूर कर रही सरकार -अनुराग

बीरबल भूमि समाचार सीधी। किसानों को सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण बिचौलियों के हाथों लुटने के लिए विवस होना पड़ रहा है उक्त बातें किसान कांग्रेस के रामपुर नैकिन ब्लाक के अध्यक्ष अनुराग सिंह ने सरकार पर लगाते हुए कहा है।
ब्लाक अध्यक्ष ने कहा की सरकार के किसान विरोधी नीतियों के कारण बीज महंगे दामों में खरीदने को विवस होना पड़ता है तो खाद के लिए लम्बी कतार लगाना पड़ता है तो दो से तीन गुना अधिक दाम चुकाकर खाद खरीदना पड़ता है इन सब समस्याओं को पार करके जब किसान उपज तैयार कर उपार्जन केन्द्रों में बेचना चाहता है तो किसान को पंजियन से लेकर तमाम अन्य अड़चनो को लगाया जाता है जिससे किसान मजबूर हो कर खरीदी केंद्र में उपज न बेचें व्यापारी को उनके निर्धारित दाम में बेचने को विवस हो,अब देखिए ना किसान अपने खेत में जिस अनाज की बोनी किया था उसकी गिरदावरी सरकार ने कराई रिकार्ड में दर्ज कराया लेकिन सेटेलाइट सर्वे में बोए गए खेत को पड़त दिखा दिया जिससे किसान समितियों में अपनी उपज न बेच सकें।
श्री सिंह ने आगे कहा कि किसानों के साथ सरकार द्वारा हमेशा दुर्व्यवहार किया जाता रहा है पहले किसानो को खाद के लिए प्रताड़ित किया गया अब सेटेलाइट से गिर्दवारी में नाम कटने की बजह से किसानो को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है अब किसान अपनी फसल को समिति में सरकारी दरों में नही बेच सकता है सरकार द्वारा इस तरह के नियम कानून लागू कर किसानों की रीढ की हड्डी को चकनाचूर करने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रही है साथ में सरकार द्वारा व्यापारियों को किसानों का खून चूसने का अवसर दे रही है।
श्री अनुराग ने कहा की किसान को शोषण करने के लिए हरा पीला और लाल टोकन जारी करने का नियम बनाए हैं वह किसान को शोषित करने वाले नियम है किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहां की किसान को तीन प्रकार के टोकन दिये जाएंगे जिसमें हरा टोकन, हरा टोकन उन किसानों को दिया जाएगा जिनकी उपज एफ ए क्यू (FAQ) मानकों के अनुसार है जो खरीदी योग्य है।
पीला टोकन उन किसानों को दिया जाएगा जिनकी उपज एफ ए क्यू (FAQ) मानकों के अनुसार नहीं है और अपग्रेड कराने की आवश्यकता है, यानी (गेहूं की साफ-सफाई)।
लाल टोकन उन किसानों को दिया जाएगा जिनकी उपज पूरी तरह से अस्वीकृति किए जाने योग्य है, अर्थात् खरीदी केंद्र में ऐसी उपज को नहीं लिया जाएगा।
शासन की इस नीति का फायदा व्यापारी उठाएंगे और शोषण करेंगे।
गलती उपकरण की भरे किसान
किसान कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अनुराग सिह ने कहा कि किसानों के खेतों में कौन सी फसल बोई गई है इसका सर्वेक्षण पहले पटवारी के माध्यम से गिरदावरी करा कर किया गया था कई गांव के पटवारी गिरदावरी ही नहीं किए थे जिसके कारण किसान अपने उपज बेचने का पंजीयन ही नहीं कर पाया था जिन किसानों ने पंजीयन कर लिया था उन किसानों की खेतों का सेटेलाइट सर्वेक्षण में बोई गई फसल के अनुरूप रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया जिसके कारण उन्हें इस लत बुकिंग करने में दिक्कतें जा रही है उदाहरण के तौर पर जिस किसान के खेत में गेहूं की फसल बोई गई थी सर्वेक्षण में उसे खेत को पड़त दिखा दिया गया है या फिर गेहूं की जगह पर चना अथवा सरसों दिखा दिया है इतना ही नहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और खाद्य विभाग ने बकायदे किसानों की सूची जारी की है की कौन-कौन से किसान उपज भेज सकते हैं कौन से किसान पटवारी से संपर्क कर रिकार्ड दुरुस्त करने के बाद ही अपनी उपज भेज सकते हैं।
