सूखा नाला पुनर्जीवन के लिए सीधी में हुआ श्रमदान, जल संरक्षण का दिया संदेश,

“जल है तो कल है” संकल्प को जन-जन तक पहुंचाएं- विधायक रीती पाठक,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सूखा नाला के पुनर्जीवन हेतु व्यापक जनसहभागिता के साथ श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक की अगुवाई में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नगरवासियों ने मिलकर नाला सफाई, गाद निकासी एवं जल प्रवाह को सुचारू बनाने के कार्य किए। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन कर भविष्य के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए “जल है तो कल है” का संदेश दिया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि प्रकृति संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। इस अवसर पर विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक ने श्रमदान में सहभागिता करते हुए लोगों को प्रेरित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम देशभर में देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। विधायक श्रीमती पाठक ने कहा कि बढ़ती जल समस्या को देखते हुए समाज के हर वर्ग की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल का दुरुपयोग न करें और वर्षा जल संचयन जैसे उपायों को अपनाकर जल संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे श्रमदान कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि समाज में सहयोग एवं सहभागिता की भावना को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर विधायक द्वारा उपस्थित जनों को जल संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पार्षद बाबूलाल कुशवाहा, आनंद परियानी, उपखंड अधिकारी गोपद बनास राकेश शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक, विश्वबंधुधर द्विवेदी, पंकज पाण्डेय, पुष्पराज सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
