महिला आरक्षण के नाम पर मोदी आरक्षण की साज़िश हुई नाकाम – मनोज चौहान
बीरबल भूमि समाचार सीधी ।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं असम के सह प्रभारी मनोज चौहान ने कहा कि पीएम मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर ग़लत तरीक़े से परिसीमन करने की कोशिश की और इस देश के लोकतंत्र, संविधान, दलित, पिछड़ों के हक़ और संघीय ढाँचे को चोट पहुँचाने का कुत्सित प्रयास
किया।
किया।उनकी ये चालबाज़ी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट विपक्ष ने भाँप ली और संविधान संशोधन बिल गिर गया। मोदी-शाह महिला आरक्षण के नाम पर ग़लत तरीक़े से परिसीमन कर भारत के लोकतंत्र को तबाह करने चले थे, उनकी ये साज़िश अब औंधे मुँह गिर गई। मोदी सरकार को 2014 के बाद पहली बार सदन के अंदर इतनी बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा है।
श्री चौहान ने कहा कि 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नोटिफिकेशन 3 साल बाद 16 अप्रैल 2026 को करना महिला आरक्षण पर मोदी सरकार की मंशा पे सवालिया निशान लगाता है। कांग्रेस पार्टी, मोदी सरकार से फिर एक बार माँग करती हैं कि वो 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के अनुसार महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दिया जाए। कांग्रेस पार्टी सितंबर 2023 से इसकी मांग कर रही है और यह ‘नारी शक्ति’ के प्रति प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी।
