इंदौर जल त्रासदी पर कांग्रेस का घंटा बजाओ आंदोलन, भाजपा सरकार के मंत्री की संवेदनहीनता के खिलाफ फूटा आक्रोश,
ज्ञान सिंह के नेतृत्व में सांसद-विधायक निवास के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। इंदौर नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए मल-मूत्र युक्त दूषित पानी के सेवन से हुई 18 नागरिकों की मौत और 2800 से अधिक लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की घटना के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी सीधी द्वारा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में घंटा बजाओ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इस गंभीर जनहानि पर की गई अशोभनीय टिप्पणी ‘घंटा’ के खिलाफ जनाक्रोश का प्रतीक बना।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माननीय जीतू पटवारी के निर्देशानुसार आयोजित इस आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता , अहंकार और प्रशासनिक विफलता के विरुद्ध जोरदार विरोध दर्ज कराया
सांसद-विधायक निवास के सामने गूंजा घंटा
कार्यक्रम के तहत सांसद और विधायक सीधी के निवास के समक्ष कार्यकर्ताओं ने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से मृतकों के प्रति जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहा, लेकिन संदेश बेहद स्पष्ट और तीखा था। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इंदौर में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं, ज़हर दिया गया और 18 लोग मारे गए। इसके बावजूद भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इसे घंटा कहकर टाल देते हैं। यह बयान नहीं, बल्कि सत्ता के नशे में चूर सरकार की अमानवीय मानसिकता का खुला प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता के नाम पर पुरस्कार बटोरने वाली भाजपा सरकार यह भूल गई कि सबसे पहले जनता को पीने लायक पानी देना होता है। इंदौर की मौतें किसी दुर्घटना का नहीं, बल्कि भाजपा शासित नगर निगम और प्रदेश सरकार की आपराधिक लापरवाही का परिणाम हैं। ज्ञान सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। घंटा बजाओ आंदोलन सत्ता के अहंकार को जगाने की शुरुआत है। जब तक दोषी मंत्रियों, अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि इंदौर जल त्रासदी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए मृतकों के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए दूषित जल आपूर्ति मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो। अमानवीय बयान देने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल बर्खास्त किया जाए। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने कहा कि 18 मौतें कोई आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की विफलता का प्रमाण हैं। यदि अब भी सरकार नहीं चेती, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। आंदोलन में प्रमुख रूप से प्रदीप सिंह दीपू, ओमकार सिंह करचूली, ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री, जय सिंह, रजनीश श्रीवास्तव, मनोज सिंह,हल्के सोनी,अब्दुल मजीद, मोहम्मद हफीज,अखण्ड प्रताप सिंह, शीला रानी साकेत, कुमुदिनी सिंह, मेंनका सिंह, शशिकला द्विवेदी, विनोद विश्वकर्मा, अरविंद सिंह रोशन पुष्पा सिंह,प्रियंका सिंह, इंदु सिंह , अरविंद तिवारी, प्रदीप द्विवेदी, प्रदीप दीक्षित, रामभिलाश पटेल, यज्ञराज साहू सुनील सिंह, विकाश परिहार, तेजस्वी मिश्रा , दिग्विजय सिंह, नारायण सिंह, अजीत सिंह, संजय सिंह, अभिनव बघेल,ऋषभ सिंह अनुज सिंह , विकास बघेल, जान आलम, खुशबू साकेत, सानेन्द सिंह, ओमप्रकाश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, प्रिंस चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ कांग्रेसजन जनप्रतिनिधि जिला ब्लाक मंडलम सेक्टर के पदाधिकारी सहयोगी संगठनों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी सहित युवा एवं मातृशक्ति और कांग्रेसजन शामिल रहे।
