भाजपा सरकार पर आरोप, सरकारी लापरवाही के कारण लुटने को मजबूर किसान – ज्ञान सिंह चौहान,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर एक बार फिर सरकार की नीयत और नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। 1 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू करने का ऐलान करने वाली भाजपा सरकार अब पीछे हटती नजर आ रही है। ताजा फैसले के अनुसार खरीदी की तारीख को बढ़ाकर कुछ संभाग में 10 अप्रैल और कुछ संभाग में 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के किसानों में भारी आक्रोश है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने इस मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की यह लेटलतीफी सीधे तौर पर किसानों के साथ अन्याय है। गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार होकर किसानों के घर पहुंच चुकी है, लेकिन खरीदी शुरू न होने से किसान खुले बाजार में औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के लिए किसान नहीं, बल्कि बहाने प्राथमिकता बन गए हैं। कभी बारदाने की कमी तो कभी व्यवस्थाओं का रोना रोकर खरीदी टाल दी जाती है, जबकि असलियत यह है कि सरकार किसानों की फिक्र करने के बजाय सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है। ज्ञान सिंह ने सवाल उठाया कि अप्रैल माह के मध्य से शादी-ब्याह का सीजन शुरू हो रहा है। ऐसे में कई किसानों के सामने बेटियों की शादी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और कर्ज चुकाने जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। किसान के पास आय का एकमात्र साधन उसकी फसल है, और जब वही समय पर नहीं बिकेगी तो वह अपनी जरूरतें कैसे पूरी करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा नाम मात्र का घोषित बोनस भी केवल दिखावा साबित हो रहा है। एक ओर बोनस का ढोल पीटा जा रहा है, दूसरी ओर खरीदी ही समय पर नहीं हो रही यह दोहरी नीति किसानों के साथ छलावा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि सरकार तत्काल प्रभाव से गेहूं खरीदी शुरू करे और किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित करे। यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे और कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।
