स्वच्छता, जागरूकता और सेवा का संगम,
राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर गोद ग्राम में संपन्न,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस संजय गांधी स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीधी की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर गोद ग्राम नौगवां धीर सिंह में प्राचार्य डॉ. प्रभाकर सिंह के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का शुभारंभ 23 मार्च को मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. प्रभाकर सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ. अरविंद त्रिपाठी एवं श्रीमती प्रतिभा भार्गव की उपस्थिति में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन उपरांत स्वयंसेवकों द्वारा परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रभात फेरी, योग, स्वल्पाहार, बौद्धिक चर्चाएं एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं। द्वितीय दिवस राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई, वहीं तृतीय दिवस सामाजिक न्याय एवं निरूशक्तजन विभाग के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान अंतर्गत व्याख्यान आयोजित हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों ने पोस्टर एवं कविता के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान नशा निषेध एवं जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई तथा स्वच्छता एवं साक्षरता रैली निकाली गई।चतुर्थ दिवस स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए एवं वृद्धाश्रम परिसर में स्वच्छता कार्य किया। पंचम दिवस जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आपदा से निपटने हेतु प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी गई। षष्ठम दिवस मलेरिया जागरूकता, साइबर क्राइम पर चर्चा एवं बाल विवाह विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। शाम के समय आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने लोकगीत, सैला नृत्य एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंतिम दिवस 29 मार्च को आयोजित समापन समारोह में शिविर की समस्त गतिविधियों का सिंहावलोकन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. प्रभाकर सिंह ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एम. यू. सिद्दीकी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, उनसे फीडबैक लिया गया तथा आभार प्रदर्शन के साथ शिविर का समापन हुआ। यह शिविर स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

