महिला आरक्षण पर अजयसिंह ने सोनिया गांधी का समर्थन किया,

चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए भाजपा कर रही है प्रपंच,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर श्रीमती सोनिया गांधी के रुख का पुरजोर समर्थन करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है। अजय सिंह ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी जी ने अपने आलेख के माध्यम से जो तथ्य देश के सामने रखे हैं, वे भाजपा के उस ‘पाखंड’ को बेनकाब करते हैं जिसे ‘ऐतिहासिक’ बताकर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सोनिया जी की इस मांग के साथ मजबूती से खड़े हैं कि महिलाओं को उनके हक के लिए दशकों तक इंतजार करवाना उनके साथ क्रूर मजाक है। सिंह ने याद दिलाया कि महिला आरक्षण के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता का ही परिणाम था कि साल 2010 में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने इसे राज्यसभा से पारित करवा लिया था। सोनिया जी के नेतृत्व में लिए गए उस ऐतिहासिक निर्णय को भाजपा ने तब भी रोका था और आज भी वह इसे जनगणना और परिसीमन जैसी जटिल शर्तों की आड़ में भविष्य की अनिश्चित तारीखों पर टाल रही है। भाजपा की नीयत में खोट साफ है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सोनिया गांधी जी द्वारा उठाए गए क्षेत्रीय असंतुलन के मुद्दे को भी गंभीरता से रेखांकित किया। उन्होंने आगाह किया कि आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना दक्षिण भारतीय राज्यों के खिलाफ एक गहरी राजनैतिक साजिश है। चूँकि दक्षिण भारत ने सदैव भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को सिरे से खारिज किया है, इसलिए उन राज्यों को राजनैतिक रूप से कमजोर करने के लिए यह प्रपंच रचा जा रहा है। अजय सिंह ने आगाह किया कि आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर भाजपा देश में एक खतरनाक उत्तर-दक्षिण विभाजन और क्षेत्रीय असंतुलन पैदा करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि यह उन दक्षिण भारतीय राज्यों के खिलाफ सजा है, जिन्होंने राष्ट्रहित में जनसंख्या नियंत्रण का उत्कृष्ट कार्य किया है। चूंकि दक्षिण के राज्यों ने सदैव भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को नकारा है, इसीलिए परिसीमन के बहाने उन्हें राजनैतिक रूप से कमजोर करने का खेल खेला जा रहा है। महिला आरक्षण जैसे पवित्र विषय को इस विवादित प्रक्रिया की बेड़ियों में जकड़ना यह साबित करता है कि भाजपा की रुचि महिलाओं के उत्थान में नहीं, बल्कि अपने राजनैतिक नफे-नुकसान का गणित बैठाने में ज्यादा है।अजय सिंह ने कहा कि भाजपा विभिन्न राज्यों में हो रहे चुनावों में राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इतनी जल्दबाजी दिखा रही है। यदि प्रधानमंत्री की नीयत साफ होती, तो वे सोनिया गांधी जी की मांग को स्वीकार करते हुए तमाम अंतहीन तकनीकी शर्तों को हटाकर महिलाओं की समावेशी भागीदारी को तत्काल प्रभाव से लागू करते। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा ने अपनी संकीर्ण मानसिकता नहीं बदली, तो देश की आधी आबादी इस राजनैतिक धोखे का करारा जवाब देगी।
