एलओसी पर पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बरता के शिकार अमर शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह की पुण्यतिथि आज, 2013 की वह दर्दनाक घटना आज भी ताजा,
बीरबलभूमि समाचार सीधी/चुरहट (डढ़िया)। भारत–पाक सीमा पर एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बरता का शिकार हुए सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डढ़िया निवासी अमर शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह की आज पुण्यतिथि है। 8 जनवरी 2013 को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस वीर सपूत को आज पूरा जिला नम आंखों से याद कर रहा है। एलओसी पर गश्त के दौरान शहादत 8 जनवरी 2013 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर इलाके में गश्त के दौरान पाकिस्तानी सेना के जवानों ने कायराना हमला किया था। इस हमले में भारतीय सेना के लांसनायक सुधाकर सिंह और लांसनायक हेमराज वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। हमले की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहीद सुधाकर सिंह का सिर नहीं मिला था। माना गया कि पाकिस्तानी सैनिक सिर अपने साथ ले गए थे, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव डढ़िया, जिला सीधी (मध्य प्रदेश) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। इस दौरान शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा था। हर आंख नम थी और हर जुबान पर बस एक ही बात थी—देश ने अपना सच्चा सपूत खो दिया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रहे थे मौजूद
शहीद के अंतिम संस्कार में उस समय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं मौजूद रहे थे। उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को ढांढस बंधाया था और कहा था कि प्रदेश को अपने इस वीर बेटे पर गर्व है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शहीद सुधाकर सिंह की शादी को उस समय महज चार वर्ष ही हुए थे। वे अपने पीछे चार महीने का एक दुधमुंहा बच्चा छोड़ गए थे। शहादत की खबर के बाद से ही पूरे डढ़िया गांव में मातम पसरा हुआ था। आज भी गांव के लोग उस दिन को याद कर भावुक हो उठते हैं।
आज पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि
आज शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह की पुण्यतिथि पर जिलेभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। लोग उनके बलिदान को नमन कर रहे हैं और दोहराते हैं कि देश की सुरक्षा के लिए दिया गया उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
अमर शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह जी को शत्-शत् नमन।भारत माता की जय। ??
