सिविल सेवा दिवस पर कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम, कलेक्टर ने दिया नागरिक-केंद्रित शासन का संदेश,
चुनौतियों के बीच बेहतर प्रदर्शन से ही बनेगा विकसित भारत – कलेक्टर,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राज्य स्तरीय आयोजन का सजीव प्रसारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिखाया गया। कार्यक्रम में सिविल सेवाओं की भूमिका एवं दायित्वों पर विचार साझा किए गए। कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस देश की प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य सिविल सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों के योगदान के सम्मान में मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा प्रशिक्षु अधिकारियों को दिए गए प्रेरणादायक संदेश की स्मृति में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने राष्ट्र सेवा को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम “विकसित भारत नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास” है। इसके अंतर्गत प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, डिजिटल पारदर्शिता को सुदृढ़ करने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सके। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में जिले को प्राप्त ‘ए’ ग्रेड को उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सभी अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आगे भी कार्य करते हुए प्रदर्शन को और बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करते समय चुनौतियां स्वाभाविक हैं, लेकिन सुनियोजित रणनीति, सतत प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण से उन्हें पार किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके और आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सिविल सेवा के मूल्यों के अनुरूप कार्य करते हुए सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
