रात भर बिजली के आभाव में तड़पते रहे मुहल्लेवासी
बार बार फोन करने पर भी नहीं उठ रहा था जिम्मेदारों का फोन,
कलेक्टर के निर्देश पर साढ़े तीन बजे चालू हुई सप्लाई,
बीरबलभूमि समाचार सीधी। बेलगाम हुए बिजली विभाग की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है, आए दिन मेंटिनेंस के नाम पर अघोषित बिजली कटौती कर इस भीषण गर्मी में लोगों को अकारण परेशान किया जा रहा है। जबकि जहां बिजली सप्लाई में तकनीकी खराबी आ जाती है उसके सुधार में विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी में बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण मंगलवार की रात को देखने को मिला है। उल्लेखनीय है कि शहर के उत्तर करौंदिया में रात करीब 10 बजे बिजली बंद हो गई, थोड़ी देर बाद इंतजार करने के बाद इस लाइन से जुड़े उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में फोन किया, जब उसके बाद भी कोई राहत नहीं मिली तो जेई शिव उजागर मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जेई द्वारा जब उपभोक्ताओं का फोन नहीं रिसीव किया गया तो एई मनोज कुमार कोगे को फोन किया गया लेकिन उन्होंने भी उपभोक्ताओं का फोन नहीं रिसीव किया, धीरे धीरे रात बढ़ती जा रही थी, गर्मी से लोग बेहाल हो रहे थे, जब जेई एवं एई द्वारा फोन नहीं रिसीव किया गया तो एसी को फोन लगाया गया, लेकिन एसी ने अपना फोन बंद रखा था। हैरानी की बात यह है बिजली कंपनी उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित की हैं, एवं विभाग के अधिकारियों को सरकारी नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिससे अधिकारी बदल जाए तो उनका नंबर यथावत रहे, लेकिन सीधी में यह सुविधा सिर्फ कागजों में ही दौड़ रही है। बता दें कि जबसे जिले में बतौर अधीक्षण अभियंता पंचराज तिवारी ने पदभार संभाला है, उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है। एसी खुद तो फोन उठाते नहीं है और उनके अधीनस्थ विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी एसी की तरह फोन न उठाने का संकल्प ले लिया है।
आधी रात कलेक्टर से शिकायत,
शहर के वार्ड नंबर 13 अंतर्गत अर्जुन नगर में मंगलवार रात करीब 10 बजे बिजली बंद होने से परेशान उपभोक्ताओं ने जब बिजली विभाग विभाग के जेई, एई एवं एसी से संपर्क नहीं हो सका तो आधी रात को करीब सवा 02 बजे कलेक्टर विकास मिश्रा को फोन कर शिकायत की गई, जिले के संवेदनशील कलेक्टर ने तत्काल डी को फोन किया, तब कही जाकर अलसुबह 3:20 पर बिजली चालू हो सकी है। अब सवाल ये उठता है कि जब सब कुछ कलेक्टर ही करेंगे तो फिर फिर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों को किस बात की सैलरी मिल रही है। विभाग यह मनमानी बता रही है कि शहर में अगर यह स्थिति है तो गांवों में क्या हो रहा होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
