मझौली में बैकयार्ड कुक्कुट पालन से 182 आदिवासी परिवारों को आजीविका का संबल,

बीरबलभूमि समाचार सीधी। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड मझौली में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की महिलाओं को बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना से जोड़ा गया है। जिला प्रशासन के निर्देशन में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री अमित आनंद सोनी एवं जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिशन श्री पुष्पेंद्र सिंह के समन्वय से 182 आदिवासी ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को 28 दिन के 40-40 चूजों का वितरण किया गया। बताया गया कि कुक्कुट पालन को ग्रामीण परिवारों के लिए एक प्रभावी आजीविका के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से हितग्राहियों को लगभग 4 माह में 30 से 40 हजार रुपये तक का अनुमानित लाभ प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा। विकासखंड स्तर पर पशु चिकित्सा अधिकारी श्री सब्यसाची त्रिपाठी, विकासखंड प्रबंधक श्री चंद्रकांत सिंह एवं सहायक विकासखंड प्रबंधक श्री संजीव सिंह के संयुक्त प्रयासों से एकीकृत कृषि संकुल अंतर्गत 8 ग्रामों में इस गतिविधि के विस्तार हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना के सफल क्रियान्वयन में एंकर शारदा केवट, कृषि सखी कमल कुशवाहा, लक्ष्मी ताम्रकार तथा सीआरपी राज किशोर मिश्रा, अखिलेश तिवारी, सूर्यवती कुशवाहा एवं साधना साकेत द्वारा हितग्राहियों को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ पोषण आहार में सुधार लाना है, जिससे समग्र रूप से सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।
